संस्थापक
मज़बूत संगठन के लिए मज़बूत नेतृत्व आवश्यक होता है। इसी कारण, इस संगठन की स्थापना एक स्पष्ट आध्यात्मिक दृष्टि के साथ की गई। किन्नर अखाड़ा के संस्थापक ऋषि अजय दास हैं, जिन्होंने 13 अक्टूबर 2015 को इस पवित्र अखाड़े की स्थापना की। इसके अलावा, उन्होंने अपना जीवन इस उद्देश्य के लिए समर्पित किया कि तीसरा लिंग वैदिक परंपराओं में अपने प्राचीन अधिकारों को पुनः प्राप्त कर सके।

श्री श्री १००८ ब्रह्मलिंग महामंडलेश्वर जगन्नाथ दास जी महाराज द्वारा दीक्षा ग्रहण की |


सम्पूर्ण नर्मदा परिक्रमा पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बने जिसका विमोचन उमा भारती द्वारा किया गया |

साध्वी ऋतंभरा जी द्वारा नर्मदा घाट, खेरा में कृष्ण कथा का उद्बोधन किया गया।

सत् धर्म प्रवचन - जी जागरण टीवी

विश्वस्तरीय सत् धर्म महासम्मेलन, भोपाल में |

नर्मदा स्वच्छता आंदोलन, भोपाल

पुस्तक विमोचन : विवाह एक नैतिक बलात्कार !

पुस्तक विमोचन : तृतीय प्रकृति !

पुस्तक विमोचन : मदर सन ब्रह्माण्ड !

पुस्तक विमोचन : जीवन चक्र !

आध्यात्म वाटिका आश्रम का निर्माण हसमपुरा उज्जैन में करवाया गया |

किन्नर अखाड़ा के संस्थापक ऋषि अजय दास हैं, जिन्होंने 13 अक्टूबर 2015 को इस पवित्र आदेश की स्थापना की।

सिंहस्थ महाकुंभ में किन्नर अखाड़े की स्थापना 14वें अखाड़े के रूप में की गई।

संस्थापक ऋषि अजय दास द्वारा लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को आचार्य महामंडलेश्वर नियुक्त किया गया तथा 10 पीठाधीश्वर और 10 महामंडलेश्वर बनाए गए।

सिंहस्थ महाकुंभ में पहली बार किन्नर अखाड़ा की देवत्व यात्रा और अमृत स्नान की परंपरा प्रारंभ की गई।

किन्नरों द्वारा त्रिपिंडी श्राद्ध वाराणसी के बनारस घाट पर सम्पन्न किया गया।

शाजापुर सम्मान यात्रा, मध्य प्रदेश

अंतर्राष्ट्रीय त्रिदिवसीय शिविर एवं आध्यात्मिक योग प्रशिक्षण

अखाड़े के सिद्धांतों का उल्लंघन करने और व्यक्तिगत लाभ हेतु उसका दुरुपयोग करने के कारण महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी एवं ममता कुलकर्णी को संस्थापक द्वारा किन्नर अखाड़े से निष्कासित किया गया।