संस्थापक

मज़बूत संगठन के लिए मज़बूत नेतृत्व आवश्यक होता है। इसी कारण, इस संगठन की स्थापना एक स्पष्ट आध्यात्मिक दृष्टि के साथ की गई। किन्नर अखाड़ा के संस्थापक ऋषि अजय दास हैं, जिन्होंने 13 अक्टूबर 2015 को इस पवित्र अखाड़े की स्थापना की। इसके अलावा, उन्होंने अपना जीवन इस उद्देश्य के लिए समर्पित किया कि तीसरा लिंग वैदिक परंपराओं में अपने प्राचीन अधिकारों को पुनः प्राप्त कर सके।

1999
दीक्षा ग्रहण

श्री श्री १००८ ब्रह्मलिंग महामंडलेश्वर जगन्नाथ दास जी महाराज द्वारा दीक्षा ग्रहण की |

2000
नर्मदा परिक्रमा
2003
डॉक्यूमेंट्री फिल्म : सम्पूर्ण नर्मदा परिक्रमा

सम्पूर्ण नर्मदा परिक्रमा पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बने जिसका विमोचन उमा भारती द्वारा किया गया |

2004
कृष्ण कथा

साध्वी ऋतंभरा जी द्वारा नर्मदा घाट, खेरा में कृष्ण कथा का उद्बोधन किया गया।

2007
सत् धर्म प्रवचन

सत् धर्म प्रवचन - जी जागरण टीवी

2008
विश्वस्तरीय सत् धर्म महासम्मेलन

विश्वस्तरीय सत् धर्म महासम्मेलन, भोपाल में |

2008
नर्मदा स्वच्छता आंदोलन

नर्मदा स्वच्छता आंदोलन, भोपाल

2009
पुस्तक विमोचन

पुस्तक विमोचन : विवाह एक नैतिक बलात्कार !

2010
पुस्तक विमोचन

पुस्तक विमोचन : तृतीय प्रकृति !

2010
पुस्तक विमोचन

पुस्तक विमोचन : मदर सन ब्रह्माण्ड !

2011
पुस्तक विमोचन

पुस्तक विमोचन : जीवन चक्र !

2011
आश्रम आध्यात्म वाटिका

आध्यात्म वाटिका आश्रम का निर्माण हसमपुरा उज्जैन में करवाया गया |

2015
किन्नर अखाड़ा की स्थापना

किन्नर अखाड़ा के संस्थापक ऋषि अजय दास हैं, जिन्होंने 13 अक्टूबर 2015 को इस पवित्र आदेश की स्थापना की।

2016
सिंहस्थ महाकुंभ

सिंहस्थ महाकुंभ में किन्नर अखाड़े की स्थापना 14वें अखाड़े के रूप में की गई।

2016
आचार्य महामंडलेश्वर नियुक्त

संस्थापक ऋषि अजय दास द्वारा लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को आचार्य महामंडलेश्वर नियुक्त किया गया तथा 10 पीठाधीश्वर और 10 महामंडलेश्वर बनाए गए।

2016
देवत्व यात्रा

सिंहस्थ महाकुंभ में पहली बार किन्नर अखाड़ा की देवत्व यात्रा और अमृत स्नान की परंपरा प्रारंभ की गई।

2017
तर्पण

किन्नरों द्वारा त्रिपिंडी श्राद्ध वाराणसी के बनारस घाट पर सम्पन्न किया गया।

2017
शाजापुर सम्मान यात्रा, मध्य प्रदेश

शाजापुर सम्मान यात्रा, मध्य प्रदेश

2023
अंतर्राष्ट्रीय त्रिदिवसीय शिविर

अंतर्राष्ट्रीय त्रिदिवसीय शिविर एवं आध्यात्मिक योग प्रशिक्षण

2025
किन्नर अखाड़े से निष्कासित किया गया।

अखाड़े के सिद्धांतों का उल्लंघन करने और व्यक्तिगत लाभ हेतु उसका दुरुपयोग करने के कारण महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी एवं ममता कुलकर्णी को संस्थापक द्वारा किन्नर अखाड़े से निष्कासित किया गया।